Tribal Thoughts

The Birsaism, great steps towards tribalism to empower the existence of indigenous people of India

आदिवासी ही भारत के मूल मालिक है। वे आदिकाल से भारत में वास करते हैं, वे मूलवासी है। इन्हें इनके मूलमालिक होने के अधिकारों से वंचित रखना उनपर अत्याचार करना है। उन्हें मूलमालिक और भारत के प्रथम नागरिक होने का सम्मान देने की जवाबदारी प्रत्येक सरकार और देश के हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
भारत का सर्वोच्च न्यायालय (2011 के फैसले का भावार्थ )

भगवान टंट्या भील और भगवान बिरसा मुंडा का संदेश

महानायक महाविद्रोही महायोद्धा भगवान टंट्या भील एवं क्रांतिसूर्य धरतीआबा महामानव भगवान बिरसा मुंडा कहते है कि हमारा संघर्ष मूलतः हमारे जीवन और अस्तित्व का संघर्ष है। हमारा बचना, हमारा जिंदा रहना तथा हमारा संगठित रहना, यह हमारी प्रथम आवश्यकता है। इसलिए हमें हमारे जिंदा रहने के स्रोत, हमारे सुरक्षित रहने के स्रोत त एवं हमारे संगठित रहने के स्रोतों को खोजना हमारा प्राथमिक कार्यक्रम होना चाहिए।
       जल, जंगल, जमीन, अधिकार, सम्मान एवं स्वतंत्रता मांगने वाली वस्तु नहीं है बल्कि इसे पाने के लिए व्यवस्था में पोषक परिस्थितियों का निर्माण करना पड़ता है।
       यह परिस्थितियां साधारण संगठन, साधारण प्रयास और साधारण संघर्ष से नहीं निर्माण होतीं हैं। इसके लिए लक्ष्य और उद्देश्य पर आधारित सामाजिक मिशन, वैज्ञानिक सामाजिक दृष्टिकोण और विचारधारा और उसके लिए प्रशिक्षित कार्यकर्ताओ का संगठन एवं निरंतर नियोजित संघर्ष ही एकमेव माध्यम है।
       जो आदमी गद्दार होता है वह गुलाम होता है और जो आदमी स्वाभिमानी होता है वह विद्रोही (आज़ाद) होता है।
       वही समाज ज़िन्दा रहता है जिसमें आनें वाली पीढ़ी को ज़िन्दा रखने के लिए लोग मरने को तैयार रहते है। खुद को ज़िन्दा रखने से ज्यादा आनें वाली पीढ़ी को ज़िन्दा रखने के लिए किये जा रहे प्रयास को ही मिशन कहते है।
    समाज के साथ ज़िन्दा रहने का सपना परिवर्तनवादी होता है और समाज के बगैर ज़िन्दा रहने का सपना विकासवादी होता है। विकास का संबंध सुविधाओं से होता है और परिवर्तन का संबंध संघर्ष से होता है! जब संघर्ष हमारा हैं तो विचार, विचारधारा और सिद्धांत भी हमारे ही होना चाहिए!
       समाज का अस्तित्व बनाए रखने के लिए, आने वाली पीढ़ी को उनका सुरक्षित भविष्य सौंपने के लिए इन्हीं उद्देश्यों को अपना सामाजिक मिशन और जीवन बनाना पड़ता है।

मुल्क पर राज हैं तुम्हारा,
इसका मतलब यह नहीं कि मुल्क तुम्हारा है…
दफन हैं पीढ़ियां हमारी
जहां पर घर तुम्हारा हैं!